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Showing posts from September, 2020

एक किसान की कहानी success story in hindi

 एक बार किसी ने एक किसान से पूछा, क्या तुमने इस मौसम में गेहूं की फसल बोई है? किसान ने जवाब दिया, नहीं, मुझे बारिश न होनें का अंदेशा था | उस आदमी ने पूछा, क्या तुमने मक्के की फसल बोई है? किसान ने जवाब दिया नहीं मुझे डर था कि कीड़े - मकोड़े खा लेंगे? ये story आपको सफलता के मार्ग पर ले जाएगी  तब उस आदमी ने पूछा, आखिरकार आपने बोया क्या है? किसान ने जवाब दिया, कुछ नहीं, मैं कोई खतरा नहीं उठाना चाहता था || खतरे  हँसने में बेवकूफ़ समझे जाने का डर है | रोने में जज्बाती समझे जाने का डर है | लोगों से मिलने में नाते जुड़ जाने का डर है | अपनी भावनाएं प्रकट करने में  मन की सच्ची बात खुल जाने का डर है | अपने विचार, अपने सपने लोगों से कहने में  उनके चुरा लिए जाने का डर है | Friends story अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करें, और नीचे comment box में comment जरूर करें 🙏 

सफलता की कहानी Success story in hindi

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  उसके पास लाल, नीला, पीला हरे और कई रंगों के कपड़े थे जब उसकी बिक्री कम होनें लगती है तो वह हीलियम गैस से भरा एक गुब्बारा हवा में उड़ा देता है। बच्चे जब उड़ते खिलौने को देखते हैं, तो वैसा ही गुब्बारा पाने के लिए आतुर हो उठते हैं। और वे उसके पास खरीदने के लिए पहुंच जाते हैं,  और उस आदमी की बिक्री फिर से बढ़ने लगती है फिर उस आदमी की जब भी बिक्री घटती है तो वह अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए उड़ाने का काम करता है एक दिन खाड़ी वाले को महसूस हुआ कि कोई उसकी जैकेट को खींच रहा है,  उसने पलट कर देखा तो वहां एक बच्चा खड़ा था। बच्चे ने उससे पूछा, अगर तुम हवा में किसी काले कपड़े को छोड़ दो तो क्या वह भी उड़ेगा? एक किसान की कहानी प्रेरक कहानी हिंदी  बच्चे के इस सवाल ने टेप वाले के मन को छू लिया। बच्चे की ओर मुड़ कर उसने जवाब दिया, सोनमारा अपने रंग की वज़ह - नहीं, ब्लकि उसके अंदर भरी चीज़ों का वजन से उड़ता है | हमारी जिंदगी में भी यही उसूल लागू होता है | अहम चीज़ हमारी अंदरूनी शख्सियत है |हमारी अंदरूनी शख्सियत की वज़ह से हमारा जो नजरिया बनता है, वहीं हमें ऊपर उठाता है | हीरों से भरा ख...

सफलता का मंत्र motivational story hindi

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  सफलता, सफलता क्या है           जीत हासिल करने के तरीके -  बड़ी  सफलताएँ हासिल करने वाले व्यक्ति अपना वक़्त ब्यर्थ, जटिल किस्म के, या विनाशकारी विचारों में उलझ कर नष्ट नहीं करते.  वे रचनात्मक ढंग से सोचते हैं, और उन्हें मालूम होता है कि उनके सोचने का तरीका ही उनकी कामयाबी को तय करेगा | हमें अपना ध्यान उन चीजों पर लगाना चाहिए, जिन्हें हम चाहते हैं न कि उन चीजों पर जिन्हें हम नहीं चाहते| सफलता इत्तेफाक की देन नहीं है.  यह हमारे नजरिये का नतीजा होती है,  और अपना नजरिया हम खुद ही चुनते हैं. इस लिए सफलता इत्तेफाक से नहीं मिलती, बल्कि हम उनका चुनाव करते हैं.  एक पुजारी कार से कहीं जा रहा था. रास्ते में उसने एक बहुत ही सुंदर खेत देखा. वह कार रोक कर बाहर आया और एक खेत के किनारे खड़ा हो कर उसमे लहलहाती हुई फसल की तारीफ करने लगा.  उस खेत का मालिक किसान ट्रेक्टर चला रहा था. पुजारी को देख कर किसान ट्रेक्टर चलाता हुआ उसके पास आया. पुजारी ने उससे कहा, ईश्वर ने तुम्हें बहुत सुन्दर खेत दिया है. तुम्हें उनका अहसानमंद होना चाहिए. किसान ने ...

नकारात्मक असर से बचें motivation

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  नकारात्मक असर आज कल के नव युवक (किशोर) बड़े लोगों के बेवहार और मीडिया से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। दोस्तों का सहारा केवल बच्चों और विद्वानों पर ही नहीं, बल्कि बड़े लोगों पर भी असर डालती है।  स्वाभिमान की कमी की वजह से लोगों में '' नहीं, बुरा धन्यवाद '' कह कर बुरा असर से दूर रहने की हिम्मत नहीं होती।  ये नकारात्मक प्रभाव क्या है?  नकारात्मक सोच वाले लोग (नकारात्मक लोग)  एक चील का अंडा किसी तरह एक जंगली मुर्गी के घोंसले में चला गया और बाकि अंडों के साथ मिल गया। समय आने पर अंडा फूटा।  चील का बच्चा अंडे से निकलने के बाद यह सोचता हुआ बड़ा हुआ कि वह मुर्गी है।  वह उन्हीं कामों को करता है, जो मुर्गी करती थी।  वह जमीन खोद कर अनाज के दाने चुगता, और मुर्गी की तरह ही कुड़कुड़ाता है।  वह कुछ फीट से अधिक उड़ान नहीं भरता था, क्योंकि मुर्गी भी ऐसा ही करती थी।  एक दिन उसने आकाश में एक चील को बड़ी शान से उड़ते हुए देखा।  उसने मुर्गी से पूछा, '' वह सुंदर पक्षी का नाम क्या है?  मुर्गी ने जवाब दिया, वह चील है।  वह एक शानदार पक्षी है,...